मीटिंग में जब राहुल गांधी ने अचानक पूछा कि- इस कमरे में मौजूद कितने लोग शराब पीते हैं? सिद्धू बोले...
SRV News:-
मीटिंग में कांग्रेस की सदस्यता की शर्तों पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने बैठक में मौजूद नेताओं से पूछा कि इस कमरे में मौजूद कितने लोग शराब पीते हैं?
संगठन चुनाव के लिए 1 नवम्बर से कांग्रेस पार्टी सदस्यता अभियान शुरू करने जा रही है। पार्टी संविधान के मुताबिक कांग्रेस का सदस्य बनने के लिए किसी भी व्यक्ति को यह घोषणा करनी पड़ती है वह शराब और किसी भी तरह के नशे का सेवन नहीं करता और खादी पहनने का आदी है। लेकिन सदस्यता अभियान को लेकर मंगलवार को हुई कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इन नियमों पर सवाल उठा दिए
राहुल गांधी ने पूछा कि आज के समय में इन नियमों का कितना पालन होता है??? राहुल पूछ बैठे कि इस कमरे में मौजूद कितने लोग शराब पीते हैं??? नाम ना बताने की शर्त पर बैठक में मौजूद एक नेता ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि राहुल के सवाल के जवाब में केवल दो महासचिवों ने हाथ खड़े किए और माना कि वे शराब पीते हैं। इसके साथ ही बैठक में इस पर चर्चा छिड़ गई कि शराब वाला नियम कितना तार्किक है???
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि उनके राज्य में अधिकांश लोग शराब पीते हैं। ऐसे में कांग्रेस सदस्यता के नियम का पालन कैसे होगा??? कुछ और नेताओं ने भी इसको लेकर अपनी राय जाहिर करनी शुरू कर दी। इसके बाद संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चर्चा पर विराम लगाने को कहा।
शराब वाले नियम के बाद चर्चा खादी वाले नियम पर शुरू हो गई। एक बार फिर खादी वाले नियम को लेकर भी राहुल गांधी बात उठाई। नेताओं ने भी कहा कि आजादी के आंदोलन के समय खादी का विशेष महत्व था लेकिन मौजूदा समय में खादी काफी ज्यादा मंहगी है। काफी ज्यादा मतलब इतनी महंगी कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुकी है।
इस दौरान एक नेता ने यह सुझाव भी दिया कि सदस्यता के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में लाया जा सकता है। हालांकि दोनों ही बातों पर चर्चा बेनतीजा रही।
सदस्यता अभियान, मंहगाई के खिलाफ आंदोलन और विधानसभा चुनाव के मुद्दे पर सोनिया गांधी ने कांग्रेस महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक बुलाई थी। सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को अनुशासन और एकजुटता बना कर आरएसएस-बीजेपी की विचारधारा से मुकाबला करने का संदेश दिया।
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